ग्राम-सिंह भूंस्यौ बिपिन

Bhagwat Rasik Vani — श्री भगवत रसिक

Verse 57 of 135

सुनी सुनी सब कोउ कहै, देखी कहै ने कोइ। देखी कह, भगवतरसिक ताके पग पिय धोइ॥ - श्री भगवत रसिक जी, श्री भगवत रसिक जी की वाणी, अनन्य निश्चयात्मक ग्रंथ [पूर्वार्ध] (27) सुनो, सब क्या कहते हैं वह सुनो, देखो कोई क्या नहीं कहता। देखि कह, भगवत्रसिक तका पग पिया धोई.. - श्री भागवत रसिक जी, श्री भागवत रसिक जी की वाणी, अन्य निश्चयात्मक ग्रंथ [प्रथम भाग] (27)
चस्मा नित्य बिहार कौ, दियौ बिहारिनि मोहिमाया कौं सब जग भजै