माया कौं सब जग भजै

Bhagwat Rasik Vani — श्री भगवत रसिक

Verse 89 of 135

भगवत नित्य बिहार, नैन संकर का तीजा। जाती बर्न कुल धर्म कर्म, राखत नहीं बीजा॥ - श्री भगवत रसिक जी, भगवत रसिक की वाणी, अनन्य निश्चयात्मक ग्रंथ [उतरार्द्ध] (42) भागवत नीति बिहार, नैन संस्कार का तीजा। जाति, खलिहान, कुल, धर्म, कर्म, बीज नहीं, रखे जाते हैं.. - श्री भागवत रसिक जी, भागवत रसिक की वाणी, अन्य निश्चयात्मक ग्रंथ [बाद में] (42)
बानी बीजक बस्तु कौ बीजक बस्तु न होइभगवत रसिक मनाय लाडिली