जद्यपि हम सब भाँति ही

Bharatendu Granthavali — श्री भारतेंदु हरिश्चंद्र

Verse 22 of 52

जै जै श्री घनश्याम वपु, जै श्री राधा वाम। जै जै सब ब्रज-सुंदरी, जै जै वृंदावन धाम॥ - श्री भारतेंदु हरिशचंद्र, भारतेंदु ग्रंथावली, वेणु गीत (1) जय जय श्री घनश्‍याम वपु, जय श्री राधा वम। जय जय सब ब्रजसुंदरी, जय जय वृन्दावन धाम.. - श्री भारतेंदु हरिश्चंद्र, भारतेंदु ग्रंथावली, वेणु गीत (1)
जय जय जय जय जय श्री राधाजद्यपि हम सब भाँति ही