भारतेंदु ग्रंथावली
Bharatendu Granthavali
श्री भारतेंदु हरिश्चंद्र · 52 verses · Braj
- 1. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 2. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 3. (कवित्त)
- 4. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 5. ब्रज की लता-पता मोहि कीजै
- 6. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 7. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 8. चिरजीवो होरी के रसिया।
- 9. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 10. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 11. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 12. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 13. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 14. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 15. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 16. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 17. जय जय जय जय जय श्री राधा
- 18. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 19. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 20. जै जै श्रीवृंदावन देवी।
- 21. जय जय जय जय जय श्री राधा
- 22. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 23. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 24. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 25. जय जय जय जय जय श्री राधा
- 26. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 27. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 28. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 29. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 30. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 31. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 32. (कवित्त)
- 33. नित नित होरी ब्रज में रहौ।
- 34. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 35. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 36. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 37. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 38. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 39. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 40. रहौं मैं सदा जुगल-भुज छहियाँ।
- 41. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 42. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 43. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 44. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 45. श्री राधे मोहिं अपनौ कब करिहौ
- 46. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 47. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 48. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 49. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 50. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 51. जद्यपि हम सब भाँति ही
- 52. Jay Jay Shri Ghanshyam Vapu