प्यारी तेरे तन की सोभा बरनी न जाइ

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 111 of 131

राधेजू मेरौ जनम सुधारौ। अब मोंहि वृन्दावन में डारौ॥ - श्री गोविन्दशरण देवाचार्य राधेजू मेरा जन्म सुधारो। अब वृन्दावन में साधुओं को डर लगता है.. - श्री गोविंदशरण देवाचार्य
मेरौ मन श्री वृन्दावन अटक्यो,नवल वृन्दावन नवल बसन्त