तीरथ सकल लोक बंकुण्ठ तैं
Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव
Verse 16 of 131
तीरथ सकल लोक बंकुण्ठ तैं,
मधुपुरी अधिक सन्देह नसाँनौं। [1]
तातैं अधिक निकट ब्रज वैभव,
ब्रह्मा वेदन प्रकट प्रमानौं॥[2]
श्रीबिहारिनिदास निकुंजनि सेवत,
जामैं राधारवन रमाँनौं। [3]
विद्यमान हरि मन्दिर राजतु,
श्रीवृन्दावन रसखान खदाँनौं॥ [4]
- श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, चौबोला (60)
तीरथ सकल लोक भ्रम भरा, मधुपुरी अधिक संदिग्ध। [1] ब्रज की महिमा निकट है और ब्रह्म वेद प्रकट हैं..[2] श्रीबिहारिन दास निकुंजनि सेवत, जामै राधावन रामन्नौं। [3] विद्यामान हरि मंदिर राजतु, श्री वृन्दावन रसखान खड़ानौं.. [4] - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, चौबोला (60)