नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 32 of 131

मनसा बाचा कर्मना, सर्व आतमा जांनि। ‘श्रीबिहारिनिदासि’ बसीकरन, फबी प्रिया सुख दांनि॥ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (121) मनसा बालक कर्मणा, सभी आत्माओं की माता। 'श्री बिहारिनिदसी' बसिकरन, फैबि प्रिय सुख दन्नी.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की आवाज, सिद्धांत के मित्र (121)
हरि मोहिं यों अपनाय लियौ।जब तें प्रभुहिं नवायो माथ।