नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 39 of 131

प्राण पालित पाइनि परें, परसें होत निहाल। यहै दसा सेवत सखी, दूलह दूलहनि लाल॥ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (142) मेरा जीवन पोषित हो गया है, मेरा जीवन पूर्ण हो गया है, मेरा जीवन सुंदर हो गया है। याहै दास सेवत साखी, दूल्हा दुल्हनिया लाल.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धांत की साखी (142)
सब ही संत हैं रस भरेरुचे मोहिं ब्रजबासिन के टूक।