मेरे विषै विसन वर वाम

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 44 of 131

मेरे गति ब्रजपति के ब्रजवासी। जिनकें प्राण जीवनि धन राधा वृन्दाविपिन विलासी॥ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की बानी, सिद्धांत के पद (145) मेरे वेग के ब्रजवासी, ब्रजपति। जिनका जीवन धन है, राधा वृंदाविपिन विलासी.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की बानी, सिद्धांत के दोहे (145)
मेरे गति ब्रजपति कैं ब्रजवासीप्यारी तेरे तन की सोभा बरनी न जाइ