नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 48 of 131

मूँड मुंडायें कहा भयो, जो मन न मुंडायौ। श्रीबिहारीदास सति भाइ बिनु, संतोष न आयौ॥ - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (163) अगर मन नहीं मुंडाया तो सिर मुंडाने का क्या मतलब? श्री बिहारीदास सती भाई बिनु, संतोष न आयु.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की आवाज, सिद्धांत के मित्र (163)
प्यारी तेरे तन की सोभा बरनी न जाइरसिकवर रसिकनी रस रासि