नामी नाम न भावई

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 53 of 131

निंदा बिंदा भै नहीं, भली कहौ किनि कोई। श्री बिहारीदास ब्रत भाँवती, जीवत हैं मुख जोई॥ - श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (182) आलोचना का कोई मतलब नहीं भाई, चाहे कोई कुछ भी कहे। श्री बिहारीदास ब्रत भानवती, जीवत हैं मुख जोई.. - श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सखा सिद्धांत (182)
कहों री जो कहिबे की होइनामी नाम न भावई