नामी नाम न भावई
Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव
Verse 86 of 131
झूठो है संसार यह, झूठी है यह देह।
जो बिहारिदास कौ सुख चहौ, तौ यासौं तजौ स्नेह॥
- श्री बिहारिन देव - बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धान्त की साखी (691)
यह संसार मिथ्या है, यह शरीर मिथ्या है। सुख चाहने वाले बिहारीदास तुम मेरे प्यारे.. - श्री बिहारिन देव - सिद्धांत मित्र बिहारिन देव जी की वाणी (691)