देस विदेश भिखारिया, जहाँ जाइ तहाँ भीख।

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 9 of 131

देस विदेश भिखारिया, जहाँ जाइ तहाँ भीख। श्री वृन्दावन कन कौर बिनु, बैकुंठ हूँ दुभीख॥ - श्री बिहारिन देव, श्री बिहारी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (31) देश-विदेश में बिखरा हुआ, जहां जीत है, वहां भीख है। श्री वृन्दावन कन कौर बिनु, वैकुण्ठ हूं दुभिख.. - श्री बिहारिन देव, श्री बिहारी देव जू की वाणी, सिद्धांत की साखी (31)
रहैं अंग संग अनंग हरैं मनुउद्धव आदि ब्रह्मादिक दुर्लभ