मोतिन के बोरे नहीं हंसन की नहि पांत

Biharin Dev Vani — श्री बिहारिन देव

Verse 95 of 131

मोतिन के बोरे नहीं, हंसन की नहि पांत। शेरन के नहि रेवड़े, रसिकन की न जमात॥ - श्री बिहारिन देव, रसोपासना तिलक मोतिन के पास कोई बोरियत नहीं है, हंसन के पास कोई पैंट नहीं है। न शेरों की टोली, न प्रेमियों की टोली.. - श्री बिहारिन देव, रसोपासना तिलका
साधन श्रम न कछु किये न कछु करने जोगनामी नाम न भावई