प्यारी नित ऐसे ही तुमें निहारूंहै
Braj Vihara — श्री नारायण स्वामी
Verse 24 of 40
प्राणनाथ या जगत में, सो अभागिनी नार।
तुम्हें त्यागि पुनि चहै जो, सुख कुटुम्ब परिवार॥
- श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, रास पंचाध्यायी लीला (11)
चाहे प्राणनाथ हों या विश्वमानव, ये अभागे आदमी हैं। त्यागी पुनि जो चाहो सुखी परिवार... - श्री नारायण स्वामी, ब्रज विहार, रास पंचाध्यायी लीला (11)