कुँवरि किसोरी नवल पिय करत परस्पर हेत
Brajanidhi Granthavali — श्री ब्रज निधि जी
Verse 6 of 12
स्वामिनी की कृपासों आधीन हुयी हैं ब्रजनिधि,
ताते रसनासों सदां श्यामा नाम कहिरे॥
- श्री ब्रज निधि जी, ब्रज निधि ग्रंथावली, हरि पद संग्रह (50)
स्वामी कृपा से आई ब्रज निधि, तते रसासनो सदन श्यामा नाम कहेरे.. - श्री ब्रज निधि जी, ब्रज निधि ग्रंथावली, हरि पद संग्रह (50)