काले ही मोहन, काले ही सोहन
Govind Svami Vani — श्री गोविन्द स्वामी
Verse 14 of 26
(राग धनाश्री)
काले ही मोहन, काले ही सोहन
काली कलिन्दी के तट आयो। [1]
काली कलिन्दी में काली सी नागिन
काले से नाग को जाइ जगायो॥ [2]
काले को नाथ लियो छिन में
अरु काले के सीस पे नृत्य करायो। [3]
गोविन्द यों प्रभु सोभा बखानत
काले को नाथि कै नाथ कहायो॥ [4]
- श्री गोविन्द स्वामी, श्री गोविन्द स्वामी जी की वाणी
(राग धनाश्री) मोहन काला, सोहन काला, काली कालिंदी के पिता आये हैं। [1] काली कालिंदी में काले नाग को जगाओ और काले की बहन पर नचाओ। [3] गोविंद, प्रभु शोभा काले को इसी तरह खुलेआम नाथी काई नाथ कहते हैं.. [4] - श्री गोविंद स्वामी, श्री गोविंद स्वामी जी के शब्द