राधा प्यारी तेरे नैंन सलोल
Hit Chaurasi — श्री हित हरिवंश महाप्रभु
Verse 10 of 43
अति उदार विवि सुंदर, सुरत सूर सुकुमार।
(जे श्री) हित हरिवंश करो दिन, दोऊ अचल विहार॥
- श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित चौरासी (57)
बहुत ही उदार, सुन्दर, सुंदर आवाज. (जे श्री) हित हरिवंश करो दिन, युगल अचल विहार.. - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री हित चौरासी (57)