श्री वृन्दावन यमुना कूलन

Kishori Kripa Kataksha — श्री ललित लड़ैती

Verse 28 of 37

(राग जिला) श्री वृन्दावन यमुना कूलन, विचरन की जिये आसा है। [1] ज्ञान गूदरी ज्ञानी ध्यानी, सन्‍तन रसिकन वासा है॥ [2] बंशीवट तट नटनागर संग, प्यारी केलि विलासा है। [3] ललित लड़ैती मो मन मधुकर, पद पंकज रस प्यासा है॥ [4] - श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा कटाक्ष, विनय (14) (राग जिला) श्री वृन्दावन यमुना कुलां, विचारन जिये आस। [1] ज्ञान गुदारि ज्ञान ध्यानी, संतन रसिकन वासा। [2] बंशीवट नाथनगर के पास है, प्रिय यह तो महज़ विलास है। [3] ललित लड़ैती मो मन मधुकर, पद पंकज रस प्यासा है.. [4] - श्री ललित लड़ैती, श्री किशोरी कृपा व्यंग्य, विनय (14)
देहु निकुंज निवास स्वामिनीश्यामा श्याम लगन जिहिं लागै