वृषभानु कुँवरि खेलति बसंत
Krishnadas Vani — श्री कृष्णदास अधिकारी
Verse 17 of 28
मुरली मदन गोपाल की, बाजत गहर गम्भीर।
कृष्णदास बाजत सुनी, कालिंदी के तीर॥
- श्री कृष्णदास, श्री कृष्णदास अधिकारी जी की वाणी
मुरली मदन गोपाल का बजट बेहद गंभीर है. कृष्णदास बाजत सुनि, कालिंदी के तीर... - श्री कृष्णदास, श्री कृष्णदास अधिकारी जी की वाणी