हमारे तीरथ कौन करे
Krishnadas Vani — श्री कृष्णदास अधिकारी
Verse 7 of 28
(राग सोरठ)
हमारे तीरथ कौन करे।
घट में गंगा, घट में जमुना, कासी भटकत कौन फिरै॥ [1]
घट में बसी साँवरी सूरत, मूरत जम ते कौन डरै।
भज ‘कृष्णदास’ श्री वल्लभ, विट्ठल सब कछु अर्थ सरै॥ [2]
- श्री कृष्णदास, श्री कृष्णदास अधिकारी जी की वाणी (1094)
(राग सोरठा) हमारे यहां कौन आएगा? घाट में गंगा, घाट में जमुना, काशी में फिरे कौन.. [1] घाट में सुंदर सौंदर्य बसता है, मूर्ति जाम से कौन डरता है। भज 'कृष्णदास' श्रीवल्लभ, विट्ठल सब कछू अर्थ सराय.. [2] - श्री कृष्णदास, श्री कृष्णदास अधिकारी जी की वाणी (1094)