पोढ़े श्री राधा के गेह

Krishnadas Vani — श्री कृष्णदास अधिकारी

Verse 8 of 28

(राग मल्हार व विहागरौ) हिंडोरे माई झूलत लाल विहारी। संग झूलति वृषभानु नन्दिनी, प्रानत हूँ ते प्यारी॥ [1] नीलाम्बर पीताम्बर की छवि, घन दामिनि मनुहारी। बलि-बलि जाय जुगल चन्द पर कृष्णदास बलिहारी॥ [2] - श्री कृष्णदास, श्री कृष्णदास अधिकारी जी की वाणी (1040) (राग मल्हार वे विहागरौ) हिंडोरे माई झूलट लाल विहारी। वृषभानु संग झूलती नंदिनी, मैं प्रियतमा.. [1] छवि नीलांबर पीतांबर, घन दामिनी मनुहरि। बाली-बाली जय जुगल चंद पर कृष्णदास बलिहारी.. [2] - श्री कृष्णदास, श्री कृष्णदास अधिकारी जी की वाणी (1040)
हमारे तीरथ कौन करेजबते राधिका भूतल प्रगटी