गुरु राखै फूटौ करवा लगावै रज

Lalit Mohini Vani — श्री ललित मोहिनी देव

Verse 16 of 32

किरपा ने कृपा करी, गयौ मूँड को भार। श्रीवृंदावन में बसि रहौ, निरखौ नित्य विहार॥ - श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (42) किरापा, कृपया गाय के लिंग को वजन दें। श्री वृन्दावन में रहो, निरखौ नित्य विहार में रहो.. - श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (42)
गुरु राखै फूटौ करवा लगावै रजगुरु राखै फूटौ करवा लगावै रज