गुरु राखै फूटौ करवा लगावै रज

Lalit Mohini Vani — श्री ललित मोहिनी देव

Verse 21 of 32

निरनै बस्तु और धर्म को, ए दोऊ सिद्धांत। तर्क बाद भई नास सब, वेद अंत वेदांत॥ - श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (41) वस्तु और धर्म का निर्णय युगल सिद्धांत है। तर्क सबसे बड़ा भाई, सब खो गया, वेद परम वेदांत है.. - श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (41)
गुरु राखै फूटौ करवा लगावै रजगुरु राखै फूटौ करवा लगावै रज