गुरु राखै फूटौ करवा लगावै रज
Lalit Mohini Vani — श्री ललित मोहिनी देव
Verse 24 of 32
श्री हरिदास करैं सो होइ। श्रीबिहारी बिहारिनि कौ मुख जोइ॥
श्री वृन्दावन रहिये सोइ। नित उठि पीजै जमुना तोइ॥
- श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (1)
श्री हरिदास जी करें तो हो गया। श्री बिहारी बिहारिणी कौ मुख जोई.. श्री वृन्दावन रहे सोई. नित उठी पिजै जमुना तोई.. - श्री ललितमोहिनी देव, श्री ललितमोहिनी देव जू की वाणी (1)