सुखकारी सबके सदा

Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य

Verse 4 of 65

राधाकृष्ण स्वरूपां वै कृष्ण राधास्वरूपिणम्। कलात्मानं निकुञ्जस्थं गुरुरूपं सदा भजे॥ - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख, मंगलाचरण (02) राधाकृष्ण स्वरूपम् या कृष्ण राधास्वरूपिणम्। कालात्मन निकुंजस्थान गुरुरूपान् को सदा भजो.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख, मंगलाचरण (02)
(दोहा)सुखकारी सबके सदा