सुखकारी सबके सदा
Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य
Verse 52 of 65
करुणा सब दुख चूरणा, मम सरणा सुकुंवारि।
श्रीराधे प्राणाधिके, जयति कृष्ण सुखकारि॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह सुख (117)
करुणा सब दुःख हर लेती है, मम सरना सुकुँवरि। श्रीराधे प्राणाधिके, जयति कृष्ण सुखकारी.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, उत्साह आनंद (117)