सुखकारी सबके सदा

Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य

Verse 58 of 65

राधेजू मेरौ जनम सुधारौ। अब मोंहि वृन्दावन में डारौ॥ - श्री गोविन्दशरण देवाचार्य राधेजू मेरा जन्म सुधारो। अब वृन्दावन में साधुओं को डर लगता है.. - श्री गोविंदशरण देवाचार्य
राधा माधव भैंट भईजुगल किसोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल।