जुगल किसोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल।

Mahavani — श्री हरिव्यास देवाचार्य

Verse 59 of 65

जुगल किसोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल। बसहु निरंतर हिएँ श्री हरिप्रिया, आनंद रूप रसाल॥ - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावानी, सेवा सुख (44) जुगल किशोर किसोरी जोरी, गोरी श्याम तमाल। श्री हरिप्रिया से बसहु निरंतर हीन, आनंद रूप रसाल.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (44)
सुखकारी सबके सदाकहि न परै सोभा या सुख की।