ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप

Nagaridas Extras —

Verse 18 of 23

ललित मोहिनी कृपा तें, निरखत केलि विलास। नित्त नयौ वृन्दाविपिन, बलि बलि ठाकुर दास॥ - श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (5) ललित मोहिनी की कृपा कृपा और विलासिता से भरपूर है। नित्त न्यायौ वृंदाविपिं, बलि बलि ठाकुर दास.. - श्री ठाकुर दास, श्री ठाकुर दास जी की वाणी, साखी (5)
ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूपललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप