मनोरथ मञ्जरी

Nagaridas Extras

· 23 verses · Braj

  1. 1. जो मन अरुझ्यो रूप हैं क्यों हू कहत बनैं न
  2. 2. जो मन अरुझ्यो रूप हैं क्यों हू कहत बनैं न
  3. 3. जो मन अरुझ्यो रूप हैं क्यों हू कहत बनैं न
  4. 4. जो मन अरुझ्यो रूप हैं क्यों हू कहत बनैं न
  5. 5. यह वृन्दावन यह समैं
  6. 6. यह वृन्दावन यह समैं
  7. 7. यह वृन्दावन यह समैं
  8. 8. अष्ट सिद्धि नव निद्धि जिहीं, टहल करत नित धाम।
  9. 9. नागिरि नागर भाव तैं, मंगल रूप रसाल।
  10. 10. मुक्ति रहति द्वारें खरी, आज्ञा बस करज़ोर,
  11. 11. Pyari Ke Pain Lal Javak Dain
  12. 12. रंगीली गलिन बिच हो हो होरी।
  13. 13. श्री वृषभानु कुल की, भूषन जगत अभूत।
  14. 14. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  15. 15. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  16. 16. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  17. 17. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  18. 18. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  19. 19. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  20. 20. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  21. 21. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  22. 22. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप
  23. 23. ललित मोहिनी कुंज में राजत अद्भुत रूप