श्री नरहरि देव जू की वाणी

Narahari Dev Vani

श्री नरहरि देव · 3 verses · Braj

  1. 1. जाकी मनमोहन दृष्टि परे
  2. 2. खेलत रास लाड़िली लाल
  3. 3. श्री नरहरि दास निरखि तृण तोरति