सुखकारी सबके सदा
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 3 of 108
राधाकृष्ण स्वरूपां वै कृष्ण राधास्वरूपिणम्।
कलात्मानं निकुञ्जस्थं गुरुरूपं सदा भजे॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख, मंगलाचरण (02)
राधाकृष्ण स्वरूपम् या कृष्ण राधास्वरूपिणम्। कालात्मन निकुंजस्थान गुरुरूपान् को सदा भजो.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख, मंगलाचरण (02)