राधा नाम जपौ दिन रैना

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 33 of 108

(राग मालकोश, त्रिताल) राधा नाम जपौ दिन रैना। जो कोई राधा नाम सुनावे, तबहि परै हिय चैना॥ [1] श्रीराधा गाऊँ राधा लड़ाऊँ, राधा सुने ये बैना। राधा नाम रसीलो रटिहों, छवि आवे हिय नैना॥ [2] रवि तनया प्यारी जब देखूँ , बोलूँ कर-कर सैना। हितगोपाल श्रीनाम की महिमा, कैसे कहत बनैना॥ [3] - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुञ्ज वाले], निकुंज रस वल्लरी (72) (राग मालाकोश, त्रिताला) राधा नाम जपौ दीन रैना। जो भी राधा का नाम जपता है, वह पराया हो जाता है.. [1] श्री राधा गौं राधा लाडौं, राधा सुने ये बैना। राधा नाम रसिलो रतिहों, छवि एव हिय नैना.. [2] रवि तनया प्यारी जब हूं, वरदान-कर साइयां। हितगोपाल श्रीनाम की महिमा, कहत कैसे बनाये.. [3] - श्री हित गोपाल दास [सेवा कुंज वेले], निकुंज रस वल्लरी (72)
वृन्दावन छाँड़ि कहूँ सुख नाहींराधा नाम परम सुखदायी