सुखकारी सबके सदा
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 37 of 108
कृष्णरूप श्रीराधिका, राधे रूप श्रीस्याम।
दरसन कौं ये दोय हैं, हैं एकहि सुखधाम॥
- श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (77)
कृष्ण रूप में श्रीराधिका,राधे रूप में श्रीश्यामा। दरसन ये दोनों कौन हैं, सुख का धाम तो एक ही है.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (77)