सुखकारी सबके सदा

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 38 of 108

अलक-लड़ैती लाड़ली, अलक लड़ौ सुकुंवार। अलक लड़ौ मोहन महल, अलक-लड़ोइ बिहार॥ - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (81) अलका-लड़ो प्रिये, अलका लड़ो सुकुंवर। अलक लड़ौ मोहन महल, अलक-लड्डौ बिहार.. - श्री हरिव्यास देवाचार्य, महावाणी, सेवा सुख (81)
सुखकारी सबके सदामन श्री राधा-राधा कहि रे