श्यामा चरण कमल की आस

Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास

Verse 57 of 108

राधेजू मेरौ जनम सुधारौ। अब मोंहि वृन्दावन में डारौ॥ - श्री गोविन्दशरण देवाचार्य राधेजू मेरा जन्म सुधारो। अब वृन्दावन में साधुओं को डर लगता है.. - श्री गोविंदशरण देवाचार्य
कालीदह कूल कुंजके माहींश्यामा चरण कमल की आस