नेक आगे आ श्याम तोपे रंग डारौं
Nikunj Ras Vallari — हित गोपाल दास
Verse 75 of 108
राधेजू मेरौ जनम सुधारौ।
अब मोंहि वृन्दावन में डारौ॥
- श्री गोविन्दशरण देवाचार्य
राधेजू मेरा जन्म सुधारो। अब वृन्दावन में साधुओं को डर लगता है.. - श्री गोविंदशरण देवाचार्य