अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा

Nimbarka Stotras — जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य

Verse 2 of 7

कृपास्य दैन्यादियुजि प्रजायते यया भवेत् प्रेमविशेषलक्षणा। भक्तिर्ह्यनन्याधिपतेर्महात्मन:सा चोत्तमा साधनरूपिकाऽपरा॥ - जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य, श्री वेदांत दश्श्लोकी (9) कृपास्य दैन्यादियुजि प्रजायते यया भवेत् प्रेमविशेषलक्षणा। भक्तिर्ह्यन्याधिपतेरमहात्मनः स चोत्तं साधनरूपिकापरा। - जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य, श्री वेदांत दशश्लोकी (9)
अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदाअंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा