श्री वेदांत दश्श्लोकी

Nimbarka Stotras

जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य · 7 verses · Braj

  1. 1. अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा
  2. 2. अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा
  3. 3. अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा
  4. 4. अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा
  5. 5. प्रातर्नमामि वृषभानुसुतापदाब्जं
  6. 6. प्रातर्नमामि वृषभानुसुतापदाब्जं
  7. 7. प्रातर्नमामि वृषभानुसुतापदाब्जं