अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा

Nimbarka Stotras — जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य

Verse 3 of 7

नान्यागति: कृष्णपदारविन्दात, संदृश्यते ब्रह्मशिवादिवन्दितात्। भक्तेच्छयोपात्तसुचिन्त्यविग्रहा - दचिंत्यशक्तेरविचिंत्यसाशयात्॥ - जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य, श्री वेदांत दश्श्लोकी (8) नान्यगति: कृष्णपदारविंदत, ब्रह्मसिवादिवंदितत के समान। भक्तेचयोपत्तस्सुचिन्त्यविग्रह - दचिन्त्यशक्तेरविचिन्त्यश्शयत्। - जगद्गुरु श्री निम्बार्काचार्य, श्री वेदांत दशश्लोकी (8)
अंगे तु वामे वृषभानुजां मुदाअंगे तु वामे वृषभानुजां मुदा