लोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहि
Radha Sudha Nidhi — श्री हित हरिवंश महाप्रभु
Verse 119 of 124
राधेजू मेरौ जनम सुधारौ।
अब मोंहि वृन्दावन में डारौ॥
- श्री गोविन्दशरण देवाचार्य
राधेजू मेरा जन्म सुधारो। अब वृन्दावन में साधुओं को डर लगता है.. - श्री गोविंदशरण देवाचार्य