लोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहि

Radha Sudha Nidhi — श्री हित हरिवंश महाप्रभु

Verse 16 of 124

श्रीराधिके सुरतरंङ्गिणि दिव्यकेलि कल्लोलमालिनिलसद्वदनारविन्दे। श्यामामृताम्बुनिधि संङ्गमतीव्रवेगिन्यावर्त्तनाभि रुचिरे मम सन्निधेहि॥ - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री राधा सुधा निधि (20) श्रीराधिका सुरतरंगंगिनी दिव्यकेलिलोमलिनिलास्वदनारविन्दे। श्यामामृताम्बौनिधि स्नांगमतिवर्वेगिन्यवर्त्तनाभि रुचिरे माम् सन्निधिः। - श्री हित हरिवंश महाप्रभु, श्री राधा सुधा निधि (20)
लोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहिलोग कुटुम सुख अर्थ अनन्तहि