प्यारी तेरो मानु मनावन आँई

Ras Ke Pada —

Verse 25 of 28

(राग कानरा) प्यारी तेरो मानु मनावन आँई। रसिक लाल भेजी करुणा करि, बार बार पर्यो पाँई॥ [1] एतो हठु तुम कीओ उन सों, ऐसे बनत है नाँही॥ केवल पलक ओट तुमही बिनु, पीय व्याकुल मन माँही॥ [2] - श्री केवल राम जी, रास मान के पद (25) (राग कनारा) प्यारी तेरो मनु मनावन आनि। रसिक लाल, बारंबार दूसरों पर दया करो.. [1] उन पुत्रों के साथ तुमने यही किया, वे ऐसे हो गए.. पलकें तुमसे भरी हैं, व्याकुल मन को पी लो.. [2] - श्री केवल राम जी, रस मन के छंद (25)
प्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीलीप्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीली