रस के पद
Ras Ke Pada
· 28 verses · Braj
- 1. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 2. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 3. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 4. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 5. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 6. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 7. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 8. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 9. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 10. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 11. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 12. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 13. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 14. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 15. रसिकवर रसिकनी रस रासि
- 16. बंसरी बजावै नन्द जू कौ लाल
- 17. आजु प्यारी के संगि रसिक राइ गुपाल
- 18. बैठी है झरोखे प्यारी कुंज
- 19. कहा कहों कछु कहनु न आवे
- 20. मानुनी मानु कीओ किह काज
- 21. नाचत दोउ रास मंडल थई थई तत थई
- 22. प्यारी तेरो मानु मनावन आँई
- 23. बैठी है झरोखे प्यारी कुंज
- 24. प्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीली
- 25. प्यारी तेरो मानु मनावन आँई
- 26. प्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीली
- 27. स्याम सलोनो प्यारो नंद जीउ को नागरु
- 28. प्यारी तेरो मानु मनावन आँई