प्यारी मेरो लालु रंगीलो रंगीली
Ras Ke Pada —
Verse 26 of 28
(राग केदारौ)
रटत पीउ श्री राधा श्री राधा।
वृंदावन सनी ठकुरानी सोभा सिंधु अगाधा॥ [1]
बिधु बदनी रास रस सदनी हित रदनी छबि बाधा।
'केवल' तुम बिनु ब्रज नाइक जिउ नैनन मों जलु आधा॥ [2]
- श्री केवल राम जी, रास मान के पद (121)
(राग केदारौ) रटत पिउ श्री राधा श्री राधा। वृन्दावन सानी ठकुरानी सोभा सिन्धु अगाध।।[1] बिधु बदनि रस रस सदानि हित रदानी छबि हिन्धा। 'केवल' तुम बिनु ब्रज नायक जिउ नैनन मोन जलु अधा.. [2] - श्री केवल राम जी, रस मन के पद (121)