सोवत जागत रैन दिन, चलत फिरत सुष होत।
Rasik Mohini — श्री प्रियादास
Verse 25 of 27
सोवत जागत रैन दिन, चलत फिरत सुष होत।
जुगल रूप गुन नाम रस, वहत चहूँ दिसि सोत॥
- श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (11)
सो संसार वर्षामय, गति सुहावनी। जुगल रूप गुन नाम रस, वहत चहुँ दिसि सोत.. - श्री प्रियादास जी, रसिक मोहिनी (11)