उद्धव आदि ब्रह्मादिक दुर्लभ
Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव
Verse 101 of 102
सर्वोपरि कुँजबिहारिनी रानी ।
सबै परजा ब्रजराज हूँ, लौं सर्वोपरि कुँजबिहारिनी रानी॥
- श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी की वाणी, सिद्धांत के कवित्त-सवैया (110)
परम रानी कुंजबिहारिणी। मैं सकल विश्व की ब्रजराज हूं, मैं परम रानी कुंजबिहारिणी हूं.. - श्री बिहारिन देव जी, श्री बिहारिन देव जी के वचन, सिद्धांत-सवैया के कवि (110)