नामी नाम न भावई

Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव

Verse 52 of 102

सदा हमारे पास है, कुंजबिहारिनी बाल। लियें सुभाव रहै सदा, छिन छिन करत निहाल॥ - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (274) कुंजबिहारिणी शक्ति सदैव हमारे साथ है। तेरे प्रति सदा शुभ भाव रखता हूँ, सुख छीनता रहता है.. - श्री ललित किशोरी देव, स्वर श्री ललित किशोरी देव जू, सिद्धांत सखा (274)
नामी नाम न भावईसहज स्नेही श्याम के, बन बसि अनत न जाँइ।