नामी नाम न भावई

Siddhant Ki Sakhi — श्री ललित किशोरी देव

Verse 60 of 102

श्री स्वामी हरिदास को, धर्म सुमेर समान। और धर्म सब डूंगरी, यही बात परमान॥ - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सिद्धान्त की साखी (317) श्री स्वामी हरिदास के लिए धर्म सुमेर के समान है। और धर्म सब डुंगरी है, यही परम वस्तु है.. - श्री ललित किशोरी देव, श्री ललित किशोरी देव जू की वाणी, सखी सिद्धांत (317)
नामी नाम न भावईनामी नाम न भावई